झारखंड में नदी घाटी परियोजनाएं बहुउद्देश्यीय प्रकृति की होती हैं, जिनका उद्देश्य सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण, विद्युत उत्पादन और मत्स्य पालन जैसे कार्यों को पूरा करना होता है। नीचे झारखंड में संचालित प्रमुख नदी घाटी परियोजनाओं का विस्तृत विवरण दिया गया है।
बहुउद्देश्यीय नदी घाटी परियोजना क्या है?
वे परियोजनाएं जो एक से अधिक उद्देश्य जैसे सिंचाई, जलविद्युत, बाढ़ नियंत्रण, पेयजल और मत्स्य पालन के लिए बनाई जाती हैं।
इन्हें नदियों पर बांध बनाकर निर्मित किया जाता है।
ये परियोजनाएं झारखंड के कृषि और औद्योगिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
दामोदर घाटी परियोजना (DVC) – भारत की पहली बहुउद्देश्यीय नदी घाटी परियोजना
1948 में प्रारंभ, यह भारत की प्रथम बहुउद्देश्यीय नदी घाटी परियोजना थी।
झारखंड और पश्चिम बंगाल का संयुक्त उपक्रम।
टेनेसी घाटी परियोजना (अमेरिका) से प्रेरित।
दामोदर घाटी निगम (DVC) की स्थापना 7 जुलाई 1948 को हुई, मुख्यालय कोलकाता में है।
“Jharkhand, endowed with a rich and varied geological foundation, hosts a wide range of soil types—primarily residual soils formed through the weathering of minerals and rocks in its plateau regions—such
Jharkhand, often referred to as the “Green Heart of India,” boasts a dense cover of tropical dry deciduous forests that span nearly 29.76% of its geographical area, making it one