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Religious Life of Jharkhand: A Journey Through Tribal Beliefs and Cultural TransformationReligious Life of Jharkhand: A Journey Through Tribal Beliefs and Cultural Transformation

Jharkhand, particularly the Chotanagpur region, has witnessed a rich tapestry of religious evolution influenced by indigenous traditions, Dravidian cultures, Aryan rituals, and later external forces like Islam, Christianity, and Hinduism.

झारखंड की भौगोलिक एवं आर्थिक स्थिति: एक विस्तृत विश्लेषणझारखंड की भौगोलिक एवं आर्थिक स्थिति: एक विस्तृत विश्लेषण

आर्थिक विशेषताएँ जनसंख्या से जुड़ी चुनौतियाँ सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक एवं प्रशासनिक पहलू तकनीकी एवं अवसंरचनात्मक समस्याएँ कृषि एवं औद्योगिक विकास झारखंड की भूमि, मिट्टी, सिंचाई और कृषि झारखंड: वन, वन्यजीव,

“झारखंड की परंपरागत सांस्कृतिक पहचान: नृत्य, संगीत और लोकवाद्य”“झारखंड की परंपरागत सांस्कृतिक पहचान: नृत्य, संगीत और लोकवाद्य”

मुख्य सांस्कृतिक तत्व पर्व-त्योहार साझे और भिन्न त्योहार जनजाति प्रमुख त्योहार संताल एरोक, हरियाड़ जपाड़, सोहराय, सकरात, भागसिम, बाहा उराँव खद्दी, करमा, सोहराय, चांडी, माघे, फागु, जतरा, दशहरा, छठ, दीपावली,

“झारखंड एक सम्पूर्ण अध्ययन”“झारखंड एक सम्पूर्ण अध्ययन”

झारखंड पर प्रारंभिक सभ्यताओं का प्रभाव चोटानागपुर में सिंधु घाटी सभ्यता का कोई ठोस प्रमाण नहीं है। प्रारंभिक आर्यपूर्व सभ्यता में द्रविड़ तत्वों का समावेश था। द्रविड़ों के योगदान: समाज

“झारखंड की जनजातीय संस्कृति: विवाह प्रणालियाँ, त्यौहार, भाषाएँ और धार्मिक प्रथाएँ”“झारखंड की जनजातीय संस्कृति: विवाह प्रणालियाँ, त्यौहार, भाषाएँ और धार्मिक प्रथाएँ”

आदिवासी विश्वास और धार्मिक प्रथाएं आदिवासी अंतिम संस्कार विधियाँ छोटानागपुर में हिन्दू समाज ब्राह्मण उप-जातियाँ थीं: क्षत्रिय वैश्य व्यापारिक समुदाय में शामिल थे: अन्य जातियाँ और पेशे कुशल कारीगर जातियाँ: